ताज़ा खबर

ताज़ा खबर
• जन्मदिन की वार्षिक भविष्यवाणी (12th July, 2018)
• अंकों से जानें, कैसा होगा आपका दिन (12th July, 2018)
• टैरो राशिफल (12th July, 2018)
• राशिफल (12th July, 2018)
• हमारी सरकार किसान कल्याण के लिए प्रतिबद्ध- पीएम मोदी
• बारिश के बाद भूस्खलन से हुई उत्तराखंड में 16 लोगों की मौत
• मुंबई में बारिश रूकने से राहत, लोकल रेल सेवाएं फिर हुई शुरू
• बीजू जनता दल और वाईएसआर कांग्रेस ने किया एक देश एक चुनाव का समर्थन
• जम्मू कश्मीर में सुरक्षाबलों को मिली बड़ी कामयाबी, दो आतंकवादी हुए ढेर
• जन्मदिन की वार्षिक भविष्यवाणी (11th July, 2018)
• अंकों से जानें, कैसा होगा आपका दिन (11th July, 2018)
• आर्थिक राशिफल (11th July, 2018)
• टैरो राशिफल (11th July, 2018)
• राशिफल (11th July, 2018)
• मुंबई समेत महाराष्ट्र के कई शहरों की भारी बारिश ने थामी रफ्तार

‘न्यू नॉर्थ-ईस्ट’ के बिना ‘न्यू इंडिया’ संभव नहीं- राजनाथ सिंह

केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने मेघालय के शिलॉन्ग में पूर्वोत्तर परिषद की पूर्णकालिक बैठक को संबोधित किया।

मेघालय की राजधानी शिलॉंग में यह मौका था उत्‍तर पूर्व परिषद की 67वीं पूर्णकालिक बैठक का। पूर्वोत्तर परिषद की अध्यक्षता केंद्रीय गृह मंत्री को मिलने के बाद यह पहला मौका था, जब परिषद की पूर्णकालिक बैठक की अध्यक्षता राजनाथ सिंह कर रहे थे। यह इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि पिछले चार सालों में उत्तर-पूर्व पहली बार विकास की मुख्यधारा में शामिल हुआ है और परिषद की बैठक में राजनाथ सिंह ने जोर देते हुए कहा कि न्यू इंडिया का निर्माण तब तक नहीं हो सकता, जब तक न्यू नॉर्थ-ईस्ट का निर्माण न हो।

इस दो दिवसीय बैठक में उत्‍तर पूर्व क्षेत्र विकास मंत्री जितेंद्र सिंह, उत्‍तर पूर्व राज्यों के मुख्‍यमंत्री और राज्‍यपाल भी उपस्थित रहे। बैठक में ये बात मुखर रूप से सामने आई कि पूर्वोत्तर में समावेशी विकास और बेहतर सुरक्षा के लिए केंद्र सरकार की कोशिशों का असर अब सामने आने लगा है। कनेक्टिविटी को लेकर कई स्तरों पर काम हुआ है और इसे लेकर राजनाथ सिंह ने साफ किया कि अब इसे रोज़गार और पलायन से भी जोड़ा जा रहा है।

आंकड़े ये भी दिखाते हैं कि एनडीए सरकार के चार वर्षों के दौरान सुरक्षा की स्थिति में काफी सुधार हुआ है।

90 के दशक की तुलना में पूर्वोत्तर में हिंसा की घटनाओं में 85 प्रतिशत की गिरावट आई है। जबकि नागरिक और सुरक्षा बलों के हताहतों में 96 प्रतिशत की कमी आई है। वहीं, इस साल पूर्वोत्तर के बजट में 28.6% की वृद्धि हुई है। पर्यटन के लिए एक विशेष “पूर्वोत्तर पर्यटन विकास परिषद” भी स्थापित की गई है।

Related Articles