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दो मामलों में आकाश विजयवर्गीय को मिली ज़मानत, एक मामला लंबित

आज भाजपा विधायक और पार्टी महासचिव कैलाश विजयवर्गीय के बेटे आकाश विजयवर्गीय को एक विशेष अदालत ने इंदौर में एक नगरपालिका अधिकारी के ऊपर क्रिकेट के बल्ले से हमला करने के मामले में जमानत दी।

अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश सुरेश सिंह जो कि सांसदों और विधायकों के खिलाफ मामलों के विशेष न्यायाधीश हैं ने आकाश को, जिन्हें बुधवार को मारपीट और बिना अनुमति के विरोध प्रदर्शन के आरोप में गिरफ्तार किया गया था, जमानत दे दी।

जिला अभियोजन अधिकारी राजेंद्र उपाध्याय ने कहा कि अदालत ने विधायक को मारपीट के मामले में 50,000 रुपये और दूसरे मामले में 20,000 रुपये के निजी मुचलके पर जमानत दी।

बुधवार को आकाश को तब गिरफ्तार किया गया था  जब निगम की टीम एक जीर्ण-शीर्ण घर को गिराने के लिए पहुंची थी और उसने इंदौर नगर निगम के एक अधिकारी को सार्वजनिक तौर पर क्रिकेट बैट से मारा था। आकाश के वकीलों ने दावा किया कि उनकी छवि खराब करने के उद्देश्य से उन्हें झूठा फंसाया गया था।

एक अन्य मामले में आकाश पर भारतीय दंड संहिता की धारा 188 (लोक सेवक द्वारा विधिवत आदेश की अवज्ञा) के तहत आरोप लगाया गया है। उन्होंने अधिकारियों से अनुमति लिए बिना बिजली कटौती के खिलाफ 4 जून को विरोध प्रदर्शन किया था।

गुरुवार को इंदौर सत्र अदालत ने इस मामले में उनकी जमानत याचिका पर सुनवाई करने से इनकार कर दिया, जिसमें कहा गया कि इसका कोई अधिकार क्षेत्र उनके पास नहीं है और उन्हें सांसदों और विधायकों के खिलाफ मामलों की सुनवाई के लिए भोपाल में गठित विशेष अदालत से संपर्क करना चाहिए।

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