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ऑनलाइन मनी ट्रांसफर करते समय ध्यान में रखें ये बातें

देश के अधिकांश वाणिज्यिक बैंक तमाम तरह की डिजिटल सेवाएं उपलब्ध करवाते हैं जिनमें इलेक्ट्रॉनिक मनी ट्रांसफर या वायर ट्रांसफर से लेकर विभिन्न बैंकिंग लेनदेन सेवाएं शामिल हैं। ये सभी बैंकिंग सेवाएं आपके मोबाइल और कंप्यूटर के एक क्लिक के जरिए उपलब्ध होती हैं। हालांकि, ऑनलाइन या डिजिटल लेनदेन के दौरान इलेक्ट्रॉनिक धोखाधड़ी से इनकार नहीं किया जा सकता है। लिहाजा लेन-देन के समय ग्राहकों को सतर्क और सावधान भी रहना चाहिए।

स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (एसबीआई), जो कि ऑनलाइन मनी ट्रांसफर और अन्य इलेक्ट्रॉनिक बैंकिंग सेवाओं के लिए तमाम तरह के विकल्प प्रदान करता है समय समय पर अपने ग्राहकों से अपील करता है कि वो बैंकिंग की आदत डाले ताकि वो सेफ ट्रांजेक्शन सुनिश्चित कर सकें। एसबीआई ने अपने ग्राहकों को सलाह दी है कि वो किसी भी इलेक्ट्रॉनिक लेनदेन के दौरान उन्हें सतर्क और सावधान रहना चाहिए। एसबीआई ने ट्विटर के माध्यम से अपने ग्राहकों को 10 टिप्स सुझाए हैं जिसकी मदद से वो सेफ तरीके से मनी ट्रांस्फर कर सकते हैं।

ध्यान में रखें ये बातें

ग्राहकों को सिर्फ उन्हीं लोगों को इलेक्ट्रॉनिक तरीके से पैसे ट्रांसफर करने चाहिए जिन्हें वो जानते हैं।

एसबीआई ने बताया कि यूनीफाइड पेमेंट्स इंटरफेज (यूपीआई) जो कि इंटर-बैंक ट्रांजेक्शन के लिए इंस्टेंट रियल टाइम पेमेंट सिस्टम है के जरिए भुगतान करने से पहले ग्राहकों को पेमेंट कलेक्ट रिक्वेस्ट को चेक करना चाहिए।

ग्राहकों को पब्लिक डिवाइस के जरिए इलेक्ट्रॉनिक रुप से पैसे ट्रांसफर नहीं करने चाहिए।

एसबीआई ने बताया कि ग्राहकों को ओपन/ फ्री नेटवर्क के जरिए ट्रांजेक्शन नहीं करना चाहिए।

एसबीआई ने ग्राहकों को सलाह दी है कि उन्हें वेरिफाइड या भरोसेमंद ब्राउजर्स का ही इस्तेमाल करना चाहिए।

ग्राहको को भुगतान के लिए सिर्फ ‘https’ वाली सिक्योर्ड वेबसाइट का ही चयन करना चाहिए।

एसबीआई ने ग्राहको को यह सलाह भी दी है कि उन्हें डेबिट कार्ड के जरिए ट्रांजेक्शन करने के दौरान राशि को वेरिफाई भी करना चाहिए।

ग्राहको को अपना पासवर्ड, वन टाइम पासवर्ड (ओटीपी), पिन, कार्ड वेरिफिकेशन कोड और यूपीआई पासवर्ड किसी भी सूरत में साझा नहीं करना चाहिए।

ग्राहकों को अपने फोन पर बैंकिंग क्रेडेशियल को स्टोर करके नहीं रखना चाहिए।
एसबीआई ने बताया कि आपको किसी अन्य के साथ अपने कार्ड की डिटेल किसी भी सूरत में साझा नहीं करनी चाहिए।

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