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किसानों को मोदी सरकार का जबरदस्त तोहफा, उन्हें मिलेगा अपनी लागत का डेढ़ गुना दाम

देश के किसानों को केन्द्र सरकार ने बड़ा तोहफा दिया है। सरकार ने खरीफ की फसल से किसानों का समर्थन मूल्य डेढ़ गुना बढ़ा दिया है। यह फैसला खरीफ की 14 फसलों पर लागू होगा और इससे किसानों को लागत से डेढ़ गुना की आमदनी होगी। मंत्रिमंडल की बैठक में लिए गए इस फैसले को लागू करने में 15 हज़ार करोड़ रुपये की लागत आएगी।

अन्नदाता के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार ने किसानों को बंपर तोहफा दिया है। मोदी सरकार ने वादा किया था कि वो किसानों को उनकी लागत का डेढ़ गुना कीमत दिलाएगी। अपने वादे पर अमल करते हुए केंद्र सरकार ने बुधवार को इस फैसले को लागू करने का एलान कर दिया। पीएम मोदी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की बैठक में किसान कल्याण का ये ऐतिहासिक फैसला लेते हुए सरकार ने 14 फसलों के एमएसपी में जोरदार बढोत्तरी की है। सरकार ने इस फैसले को ऐतिहासिक बताते हुए कहा है कि इससे देश के अन्नदाता का आत्मविश्वास बढ़ेगा।

बजट में वित्त मंत्री अरुण जेटली ने खरीफ फसलों के लिए उनकी लागत का डेढ़ गुना मूल्य देने का एलान किया था। इसी को लागू करते हुए न्यूनतम समर्थन मूल्य में इजाफा किया गया है। एमएसपी यानि न्यूनतम समर्थन मूल्य वह कीमत होती है, जिस पर सरकार किसानों से अनाज खरीदती है। सरकार ने फसलों की कीमत तय करने के फॉर्मूले में बदलाव किया है। अब फसल पर आने वाली लागत के आकलन के लिए 2+एफएल फॉर्मूला अपनाया जाएगा। इस फॉर्मूले के तहत फसल की बुआई से कटाई तक होने वाला कुल खर्च और उसमें परिवार के सदस्यों की मजदूरी भी शामिल होगी।

घोषित किया गया नया समर्थन मूल्य उपज की लागत का कम से कम डेढ़ गुना और कुछ मामलों में करीब दोगुना कर दिया गया है। आंकडों पर गौर करें तो, धान का समर्थन मूल्य 1,750 रुपये किया गया है जो लागत का 50% ज्यादा है। वहीं ज्वार का समर्थन मूल्य 2,430 रुपये किया गया है जो लागत का 50% से ज्यादा है। बात अगर बाजरे की करें तो इसका नया एमएसपी 1,950 रुपये है जो लागत का करीब 97% है। वहीं मक्के की नई एमएसपी 1,700 है जो लागत का 50% ज्यादा है। रागी का नया एमएसपी 2,897 रुपये है जो लागत का 50% ज्यादा है। वहीं तूर अरहर पर लागत मूल्य से 65 फीसदी ज्यादा एमएसपी यानि 5,675 रुपये किया गया है। बात मूंग की करें तो उसका नया एमएसपी 6,975 रुपये है जो लागत मूल्य का 50% ज्यादा है। उड़द का नया समर्थन मूल्य 5,600 रुपये तय किया गया है जो लागत का 63% ज्यादा है। छिलके वाली मूंगफली का समर्थन मूल्य 4,890 रुपये तय किया गया है जो लागत मूल्य का 50% ज्यादा है। सोयाबीन का नया एमएसपी 3,399 होगा जो इनपुट कॉस्ट से 50% अधिक होगा। सूरजमुखी का नया एमएसपी 5,388 रुपये होगा जो लागत का 50% ज्यादा होगा। बात अगर तिल की करें तो इसका नया समर्थन मूल्य 6,249 रुपये तय किया गया है जो लागत का 50% ज्यादा है। वहीं रामतिल का नया एमएसपी 5,877 रुपये घोषित किया गया है तो लागत मूल्य का 50% ज्यादा है और कपास पर गौर करें तो उसका नया एमएसपी 5,150 रुपये तय किया गया है जो लागत का 50% ज्यादा है।

सरकार ने कहा है कि इस पर 15,000 करोड़ रुपये का खर्च आएगा और इससे महंगाई बढ़ने की कोई आशंका नहीं है।

सरकार के इस फैसले को किसानों के लिए जोरदार तोहफे के रूप में देखा जा रहा है। गौरतलब है कि पिछले हफ्ते पीएम ने जब देशभर के करीब 140 किसानों से मुलाकात की थी तो साफ कर दिया था कि अगली कैबिनेट की बैठक में इस फैसले का एलान कर दिया जाएगा। इससे पहले भी मोदी सरकार की तरफ से गन्ना किसानों के लिए राहत दी गई थी। सरकार खेती और किसानों को मजबूत करने के लिए तमाम कदम उठा रही है और ये फैसला भी उसी की एक कड़ी है।

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