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आरक्षण के विरोध में दस अप्रैल को होने वाले भारत बंद के लिए गृह मंत्रालय ने राज्यों को जारी किया अलर्ट

आरक्षण के विरोध में दस अप्रैल को होने वाले भारत बंद को देखते हुए गृह मंत्रालय ने देशभर में एडवाइजरी जारी की है। बता दें कि सोशल मीडिया पर कुछ समूहों ने भारत बंद की अपील की है। कल आयोजित बंद की अपील किस राजनीतिक पार्टी या समूह ने की है इसका खुलासा अभी तक नहीं हो सका है।

बीते 2 अप्रैल को एससी/एसटी एक्ट में संशोधन के खिलाफ भारत बंद के दौरान देशभर में हिंसा हुई थी करीब 12 लोगों को जान तक गंवानी पड़ी थी। 10 अप्रैल को आयोजित बंद में फिर से हिंसा न फैले इसलिए गृहमंत्रालय दिशा निर्देश जारी किए हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार 2 अप्रैल के विरोध में सवर्ण और ओबीसी संगठनों ने 10 अप्रैल को भारत बंद का ऐलान किया है।

उत्तर प्रदेश के कई जिलों में पुलिस और प्रशासन ने अलर्ट जारी कर धारा 144 लागू कर दी है। वहीं मध्यप्रदेश में भी स्कूल कॉलेज की छुट्टी कर दी गई है जबकि कई शहरों में इंटरनेट की सुविधा भी मंगलवार तक के लिए बंद कर दी गई है।

2 अप्रैल को दलितों के भारत बंद के दौरान सबसे ज्यादा तबाही मध्यप्रदेश में मची थी। जिसके बाद वहां काफी धड़पकड़ भी हुई है। यहां के ग्वालियर, भिंड और मुरैना में हुई हिंसक घटनाओं में 8 मौते हुईं थीं। कल आयोजित बंद में प्रशासन किसी तरह का समझौता नहीं करना चाहता इसलिए उसने चाक चौबंद व्यवस्था कर ली है।

प्रशासन ने ग्वालियर, भिंड और मुरैना में प्रशासन ने स्कूल कॉलेजों को 10 अप्रैल को बंद करने का एलान किया है। यही नहीं भिंड में सोमवार रात से पूरे दिन कर्फ्यू लगाने का फैसला लिया है। जबकि एमपी प्रशासन ने ग्वालियर में इंटरनेट सेवाएं रविवार रात 11 बजे से मंगलवार रात 10 बजे तक बंद रखने की बात कही है। जबकि मुरैना में भी सोमवार दोपहर 2 बजे से इंटरनेट सेवा बंद रहेगी।

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प्रदेश भर में वाहनों की चेकिंग की जा रही है
यही नहीं कल यानी 10 अप्रैल को एक बार फिर भारत बंद का एलान किया गया है जिसे देखते हुए लाइसेंसी हथियार धारक अपने हथियार के साथ थाने पहुंचे। यहां हथियार जमा करने वालों की रविवार को लंबी लाइन लगी रही। स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार थाटीपुर थाने में लोगों को बंदूक जमा कराने के लिए 6 से 7 घंटे तक का इंतजार करना पड़ा।

वहीं यूपी में पुलिस और प्रशासन ने किसी भी स्थिति से निपटने के लिए तैयारियां पूरी कर ली हैं। प्रदेश भर में वाहनों की चेकिंग की जा रही है। सभी जगह भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है ताकि इस बार किसी भी प्रकार की हिंसा न हो। हालांकि कई सवर्ण और ओबीसी संगठनों ने 10 अप्रैल के आंदोलन को स्थगित कर दिया है।

मथुरा में सवर्णों के बाद रविवार को राजपूत सभा ने भारत बंद का ऐलान कर पुलिस की चिंता को बढ़ा दिया था। साथ ही शहर के सभी व्यापारियों से 10 अप्रैल को अपने प्रतिष्ठान बंद रखने का आह्वान किया है। साथ ही राजपूत सभा ने अभियान को सफल बनाने के लिए सभा के पदाधिकारियों को जिम्मेदारी भी सौंपी हैं।

पुलिस और प्रशासन ने मथुरा, आगरा, एटा, मैनपुरी, फिरोजाबाद, कासगंज के अलावा कई जिलों में आंदोलन के ऐलान के बाद अलर्ट जारी कर धारा 144 लागू कर दी है। साथ ही किसी भी तरह के प्रदर्सन और जुलूस पर रोक लगा दी है। मथुरा के जिलाधिकारी सर्वज्ञराम मिश्र ने बताया कि पुलिस और प्रशासन पूरी तरह से चौकस है। माहौल खराब करने वालों से सख्ती के साथ निपटा जाएगा।

गौरतलब है कि बीती 2 अप्रैल को दलित संगठनों द्वारा किए गए हिंसक प्रदर्शन में 12 लोगों की मौत हुई थी, जबकि सैकड़ों लोग घायल हुए थे। साथ ही उपद्रवियों ने कई वाहनों को आग लगा दिया था।
उत्तर प्रदेश के आगरा में एक पुलिस चौकी को भी आग के हवाले कर दिया था। इस मामले में अब तक आगरा में करीब 300 लोग गिरफ्तार किए जा चुके हैं।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार 10 अप्रैल को भारत बंद करने और भड़काऊ पोस्ट डालने वालों पर कड़ी नजर रखी जा रही है। इस काम की पुलिस की साइबर सेल मदद कर रही है। साथ ही किसी भी विवादित पोस्ट को करने वाले के साथ उसे शेयर, लाइक या कमेंट करने वाले पर भी कार्रवाई होगी।

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