ताज़ा खबर

ताज़ा खबर
• पाकिस्तानी क्रिकेट प्रेमी अब करेंगे भारत की जीत की दुआ
• हज़ारों वर्षों से अस्तित्व में है हिन्दू धर्म, फिर मिला ये प्रमाण
• मंगरू पाहन की मृत्यु लिंचिंग में गिनी जाएगी क्या?
• दो मामलों में आकाश विजयवर्गीय को मिली ज़मानत, एक मामला लंबित
• योगी सरकार ने किया इन 17 जातियों को अनुसूचित सूची में शामिल, सपा-बसपा सकते में
• सुबह 9 बजे दफ्तर पहुंचने के योगी के आदेश से नौकरशाही परेशान
• राजधानी, शताब्दी जैसी ट्रेनों के निजीकरण की कोई योजना नहीं – पीयूष गोयल
• नेहरू और कांग्रेस की वजह से है कश्मीर समस्या, पटेल को दिया धोखा- अमित शाह
• हुआ ऐसे तार-तार जय भीम और जय मीम का झूठा गठजोड़!
• ब्राह्मणों को गाली! अनुभव सिन्हा हम जैसे लोग आपको बड़ा बनाते हैं!
• लिंचिंग से नहीं दिल का दौरा पड़ने से हुई थी तबरेज की मृत्यु
• संजय गांधी की सनक की वजह से आपातकाल में हुआ ऐसा
• तेज प्रताप आज नया मंच ‘तेज सेना’ करेंगे लॉन्च, भाजपा ने की प्रशंसा
• अमित शाह ने अमरनाथ यात्रा के दौरान यात्रियों के लिए सर्वोत्तम संभव व्यवस्था करने का भरोसा दिलाया
• झूठी हैं लिंचिंग की ये घटनाएं, रहें सावधान

योगी सरकार ने किया इन 17 जातियों को अनुसूचित सूची में शामिल, सपा-बसपा सकते में

उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ की सरकार ने 17 ओबीसी जातियों को अनुसूचित जाति (एससी) सूची में शामिल किया है। इसे योगी सरकार का एक मास्टरस्ट्रोक कहा जा रहा है।

शुक्रवार देर रात सरकार द्वारा ये निर्णय लिया गया और अधिकारियों को इन 17 जातियों के परिवारों को जाति प्रमाण पत्र जारी करने के लिए आदेश पारित किया गया।

इस सूची में जिन जातियों को जोड़ा गया है, वे हैं- निषाद, बिंद, मल्लाह, केवट, कश्यप, भार, धीवर, बाथम, मचुआ, प्रजापति, राजभर, कहार, कुम्हार, धीमर, मांझी, तुहा और गौर। ये जातियां पहले अन्य पिछड़ी जातियों (ओबीसी) श्रेणी में गिनी जाती हैं।

इस कदम को योगी सरकार द्वारा कानूनी अड़चनों को दूर करने के बाद सामाजिक और आर्थिक रूप से पिछड़े इन वर्गों को आरक्षण का लाभ प्रदान करने के प्रयास के रूप में देखा जा रहा है।

इस आदेश के बाद शेष ओबीसी जाति वर्गों को ओबीसी कोटा में अधिक जगह मिल पायेगी। यह इन 17 जाति वर्गों की 15 साल पुरानी मांग भी थी।

इस फैसले से उत्तर प्रदेश की 12 विधानसभा सीटों पर होने वाले उपचुनाव में भारतीय जनता पार्टी को फायदा होने के आसार हैं और समाजवादी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी के वोट आधार में और गिरावट संभव है।

Related Articles