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भारत में कार धोते थे और आज ऑस्ट्रेलिया में सांसद हैं!

कहते हैं किस्मत का भरोसा नहीं है, कब बदल जाए, आज राख है कल सोना हो जाए! ऐसा ही कुछ हुआ ऑस्ट्रेलिया में रहने वाले ऑस्ट्रेलियाई-भारतीय नागरिक दीपक गुप्ता के साथ। WIONnews.com की खबर के अनुसार दीपक गुप्ता ने संसद में भगवतगीता को हाथ में लेकर शपथ ली।

 दीपक के अनुसार उन्होंने इस बात के लिए मुख्य न्यायाधीश से अनुमति ली क्योंकि ऑस्ट्रेलिया में केवल रानी या बाइबिल के नाम पर ही शपथ ली जाती है। दीपक कहते हैं कि चूंकि वह एक हिन्दू हैं और वह अपने धर्म के लोगों का भी प्रतिनिधित्व करते हैं तो यह उनका फ़र्ज़ बन जाता है कि वह गीता की शपथ लें। इसलिए उन्होंने यह कदम उठाया। भारत में चंडीगढ़ में एक साधारण परिवार में जन्मे दीपक अपनी पढ़ाई के लिए कार धोने का औरे रेस्टोरेंट में काम करते थे। वह 1989 में ऑस्ट्रेलिया चले गए थे और उन्हें 1991 में पीआर मिल गया था।

 वह प्रवासियों को लेकर बहुत ही जागरूक हैं, उनका कहना है कि जब भी कोई दूसरे देश आना चाहता है तो उसे अपना मन कड़ा करके आना चाहिए। उसे अपने धार्मिक पूर्वाग्रह सामाजिक जीवन में लेकर नहीं आने चाहिए और जिस देश में जा रहे हैं, उस देश के कानूनों का सम्मान करना चाहिए। और जिस देश में जा रहे हैं, उसके बारे में जानकारी ले लेनी चाहिए।

 दीपक हालांकि यह भी कहते हैं कि दूसरे देश में जब एक व्यक्ति जाता है तो वह नए कौशल को लेकर जाता है और वह एक नई संस्कृति को नए देश लाता है। वह अर्थव्यवस्था में योगदान देता है इसलिए दूसरे देश में प्रवास एक अच्छा कदम है मगर इसके लिए पूरी तैयारी करके आएं। उन्होंने यह भी कहा कि ऑस्ट्रेलिया में भारतीय समुदाय बहुत ही प्रगतिशील है और वह समाज में नए मूल्यों को स्थापित कर रहा है।

  यह देखना एक हर्ष का विषय है कि आज भारतीय विदेश में हर क्षेत्र में नाम कर रहे हैं और अपने धर्म एवं मूल्यों को साथ लेकर आगे बढ़ रहे हैं।

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