ताज़ा खबर

ताज़ा खबर
• पाकिस्तानी क्रिकेट प्रेमी अब करेंगे भारत की जीत की दुआ
• हज़ारों वर्षों से अस्तित्व में है हिन्दू धर्म, फिर मिला ये प्रमाण
• मंगरू पाहन की मृत्यु लिंचिंग में गिनी जाएगी क्या?
• दो मामलों में आकाश विजयवर्गीय को मिली ज़मानत, एक मामला लंबित
• योगी सरकार ने किया इन 17 जातियों को अनुसूचित सूची में शामिल, सपा-बसपा सकते में
• सुबह 9 बजे दफ्तर पहुंचने के योगी के आदेश से नौकरशाही परेशान
• राजधानी, शताब्दी जैसी ट्रेनों के निजीकरण की कोई योजना नहीं – पीयूष गोयल
• नेहरू और कांग्रेस की वजह से है कश्मीर समस्या, पटेल को दिया धोखा- अमित शाह
• हुआ ऐसे तार-तार जय भीम और जय मीम का झूठा गठजोड़!
• ब्राह्मणों को गाली! अनुभव सिन्हा हम जैसे लोग आपको बड़ा बनाते हैं!
• लिंचिंग से नहीं दिल का दौरा पड़ने से हुई थी तबरेज की मृत्यु
• संजय गांधी की सनक की वजह से आपातकाल में हुआ ऐसा
• तेज प्रताप आज नया मंच ‘तेज सेना’ करेंगे लॉन्च, भाजपा ने की प्रशंसा
• अमित शाह ने अमरनाथ यात्रा के दौरान यात्रियों के लिए सर्वोत्तम संभव व्यवस्था करने का भरोसा दिलाया
• झूठी हैं लिंचिंग की ये घटनाएं, रहें सावधान

ब्राह्मणों को गाली! अनुभव सिन्हा हम जैसे लोग आपको बड़ा बनाते हैं!

अनुभव सिन्हा की फिल्म आर्टिकल 15 आ रही है, जाहिर है फिल्म है तो विवाद भी होगा, विवाद है तो उसका कारण भी होगा! कारण है कहानी की थीम! कहानी का विषय! कहानी का विषय कहने के लिए तो बलात्कार है और वास्तविक घटना से प्रेरित है! मगर जिस वास्तविक घटना से प्रेरित है, वह वास्तविक घटना वह है ही नहीं, जिसे यह फिल्म बताती है।

फिल्म की कहानी उत्तर प्रदेश में हुए बदायूं बलात्कार काण्ड से प्रेरित है, यहाँ तक ठीक है। मगर जिन लोगों को बदायूं काण्ड याद होगा उन्हें यह भी याद होगा कि इस काण्ड में ब्राह्मण कहीं नहीं था, जिन युवकों ने बलात्कार किया था वह यादव थे और जिन लड़कियों का बलात्कार हुआ था वह दलित वर्ग से थीं।

अब जरा अनुभव सिन्हा की ब्राह्मणों से नफरत देखिये कि कहानी का मुख्य पात्र महंत है, अब महंत है तो ब्राहमण होगा ही, और वही सभी बुरी हरकतों की जड़ है। अनुभव सिन्हा ने अपने मन से एक कहानी ले ली, उसमें तथ्य अपने हिसाब से तोड़ मरोड़ लिए, ब्राहमणों के लिए अपने मन से नफरत भर दी और एक ऐसा कॉकटेल पेश कर दिया जिसे पीकर जब आप बाहर निकलेंगे तो अपने समाज के उस वर्ग से नफरत करते हुए घूमेंगे जिसका उस काण्ड में कोई हाथ ही नहीं था।

और जैसा होता है कि जब उन्हें ट्विटर पर लोगों ने आईना दिखाना शुरू किया तो उन्होंने गाली देना शुरु कर दिया।

जब एक व्यक्ति ने उनसे पूछा कि यदि यह असल घटना पर आधारित है तो स्रोत दीजिए।

अब अनुभव सिन्हा जैसे लोग, बहुत आराम से यह पूछ सकते हैं कि तुम हो कौन? कौन हो तुम जो तुमसे कुछ कहा जाए।

अनुभव जी, हम लोग वह आम जनता है जो आपकी फिल्म देखने के लिए अपना पैसा खर्च करते हैं, जो अपना दिमाग घर पर रखकर आपकी बेसिर-पैर की फिल्म देखने जाते हैं।

तो हे अनुभव सिन्हा, जो अपना पैसा आपकी फिल्म पर खर्च कर रहा है वह कम से कम यह तो पूछ ही सकता है कि ब्राह्मणों को गाली देने वाली इस फिल्म की प्रेरणा आपको किस असली घटना से मिली।

आपका यह घमंड ही आप जैसों को नीचे गिराने के लिए पर्याप्त है।

सोनाली मिश्रा

Related Articles