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लोकसभा और विधानसभा चुनाव एक साथ कराने पर हो रहा है विचार-विमर्श

देश में एक साथ चुनाव कराने को लेकर इन दिनों विधि आयोग राजनीतिक दलों के साथ चर्चा कर रहा है। विधि आयोग ने अपनी रिपोर्ट को अंतिम रूप देने और सरकार को भेजने से पहले राजनीतिक दलों, संविधान विशेषज्ञों, नौकरशाहों और आम जनता सहित सभी हितधारकों की राय मांगी है। सत्ताधारी दल भाजपा के अलावा जेडीयू सहित कई दलों ने इस मसौदा पत्र का स्वागत किया है।

विधि आयोग लोकसभा और राज्य विधानसभाओं के चुनाव एक साथ कराने की संभावना के बारे में सभी राष्ट्रीय और मान्यता प्राप्त राज्य स्तरीय राजनीतिक दलों के साथ विचार-विमर्श कर रहा है। इसी सिलसिले में रविवार को आरएलडी, सपा, टीडीपी, डीएमके और फॉरवर्ड ब्लॉक ने आयोग से मुलाकात कर अपना पक्ष रखा। सपा ने शर्तो के साथ समर्थन की बात की, जबकि डीएमके और फॉरवर्ड ब्लॉक ने इसका सीधा विरोध किया।

शनिवार को विधि आयोग ने तृणमूल कांग्रेस, गोवा फॉरवर्ड पार्टी, सीपीआई, एआईयूडीएफ, शिरोमणि अकाली दल और एआईडीएमके के साथ मुलाकात की। वाईएसआर और बीजेडी ने 10 जुलाई को आयोग के साथ मुलाकात का समय रखा है।

विशेषज्ञों के अनुसार एक साथ चुनाव कराने से राजनीतिक स्थिरता और विकास को गति मिलेगी, चुनावी खर्च और अन्य संसाधनों की बचत होगी, प्रशासन को सुविधा होगी, आम जनजीवन में कम अवरोध और आम लोगों की चुनाव में भागीदारी भी बढ़ेगी।

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