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सौरव गांगुली की बेटी सना ने नागरिकता कानून के खिलाफ किया पोस्ट, गांगुली ने किया खंडन

अपनी बेटी को राजनीतिक मुद्दों से दूर रखने का आग्रह करते हुए, भारतीय टीम के पूर्व कप्तान और वर्तमान बीसीसीआई अध्यक्ष सौरव गांगुली ने बुधवार को नागरिकता संशोधन अधिनियम (सीएए) से संबंधित सना के कथित पोस्ट को गलत बताया। गांगुली की बेटी सना की कथित इंस्टाग्राम स्टोरी का एक स्क्रीनशॉट सोशल मीडिया पर वायरल हो गया था जिसमें 18 वर्षीय सना ने खुशवंत सिंह के उपन्यास ‘द एंड ऑफ इंडिया’ से एक उद्धरण उद्धृत किया था।

स्क्रीनशॉट ने लोगों में बहुत रुचि उत्पन्न की और गांगुली की बेटी सना के साहस और परिपक्वता की प्रशंसा करते हुए विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफार्मों पर व्यापक रूप से प्रसारित किया गया। इस पोस्ट को भारत के वर्तमान राजनीतिक परिदृश्य की आलोचना के रूप में समझा गया, जो कुछ दिनों पहले नागरिकता संशोधन अधिनियम (सीएए) के अस्तित्व में आने के बाद से देश के विभिन्न हिस्सों में प्रदर्शनकारियों और सुरक्षाकर्मियों के बीच झड़पों के कारण बना हुआ है।

हालांकि, गांगुली ने ट्विटर पर कहा कि यह पोस्ट सच नहीं है और उनकी बेटी राजनीति में कुछ भी जानने के लिए ‘बहुत छोटी’ है। गांगुली ने ट्वीट किया, “कृपया सना को इन सभी मुद्दों से दूर रखें … यह पोस्ट सच नहीं है … वह राजनीति में कुछ भी जानने के लिए बहुत छोटी है।”

नागरिकता (संशोधन) अधिनियम, 2019 पाकिस्तान, अफगानिस्तान और बांग्लादेश से धार्मिक उत्पीड़न से भागकर आये हिंदू, ईसाई, सिख, बौद्ध और पारसी समुदायों के शरणार्थियों को भारतीय नागरिकता देने का प्रयास करता है, जिन्होंने 31 दिसंबर 2014 को या उससे पहले भारत में प्रवेश किया। अधिनियम के कारण देश के विभिन्न हिस्सों में विरोध प्रदर्शन हुआ है, जिनमें से कुछ ने हिंसक मोड़ भी लिया गया है, जिसके परिणामस्वरूप कई छात्र और पुलिसकर्मी घायल भी हुए हैं।

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